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केजरीवाल से AAP के 'चाणक्य' की शिकायत

Sat, 01 Feb 2014 07:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला दिल्ली
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ईमानदारी और सादगी के दम पर दिल्ली की गद्दी तक पहुंची आम आदमी पार्टी को लेकर इन दिनों कई विवाद खड़े हो रहे हैं। बीते एक महीने में उनकी कई उपलब्धियों की चर्चा हो रही है, तो बवाल भी खूब मचा है।
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दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती की कथित बेजा हरकतों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कई बार सफाई देनी पड़ी है, वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बदलने पर भी सवाल उठे। पार्टी को नए-नए सवाल परेशान कर रहे हैं।

खास बन गए हैं आम आदमी के नेता?

नया मसला आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से जुड़ा है। ऐसे सवाल उठने लगे हैं कि क्या आम आदमी पार्टी को भी वीआईपी बनने के कीड़े ने काट लिया है? पार्टी के कुछ नेताओं की शिकायत कुछ यही इशारा कर रही है, जिनका कहना है‌ कि केवल जनता नहीं बल्कि वे खुद भी वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के एक नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर एचटी से कहा, "गुरुवार को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी की बैठक में वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचने में पेश आ रही समस्याओं का भी मामला उठा था।"

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उठा मुद्दा

पार्टी ने लोकसभा चुनावों की तैयारियों को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दूसरी बैठक का आयोजन किया था। बैठक में इस बात पर भी फैसला हुआ कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और कौन से मुद्दे उठाए जाएंगे?

बैठक में कुछ सदस्यों ने कहा कि योगेंद्र यादव और संजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, क्योंकि जब से पार्टी ने दिल्ली में सत्ता संभाली है उनके फोन में इंटरए‌क्टिव वॉइस रेस्पॉन्स सिस्टम (आईवीआरएस) लग गया। यानी फोन करने पर उनसे बात नहीं होती, बल्कि मशीन जवाब देती है।

फोन करो, तो मशीन देती है जवाब

आम आदमी पार्टी के एक नेता ने कहा, "अगर आप इनमें से किसी नेता से बातचीत करना चाहते हैं, तो आपको आईवीआरएस से गुजरना होगा और उसके बाद कई पर्सनल असिस्टेंट से बातचीत करनी होगी।"

एक अन्य नेता ने याद किया कि किस तरह उन्होंने एक वरिष्ठ नेता तक पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन जवाब मिला था कि आप मैसेज कर दीजिए और वह आपको पलटकर कॉल कर लेंगे। नेता ने कहा, "जाहिर है, उनका कोई फोन नहीं आया।"

आम आदमी की निगाह में बिगड़ेगी छवि

पार्टी के नेता ने कहा, "अगर पार्टी के नेता ही अपने वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधने में नाकाम हैं, तो आम आदमी के उन तक पहुंचने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? यह देश भर में फैले लाखों वॉलेंटियर को गलत संदेश दे रहा है कि आम आदमी पार्टी के नेता अब खास हो गए हैं।"

हालांकि, इसी नेता ने बताया कि जब यह मामला राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उठाया गया, तो इस बात का फैसला हुआ कि पार्टी के भीतर संचार प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "वरिष्ठ नेताओं ने वादा किया है कि यह मामला जल्द ही सुलझाया जाएगा।"

योगेंद्र यादव, संजय सिंह नहीं देते जवाब?

दिल्ली विधानसभा चुनावों में धमाकेदार जीत के बाद जब फोन पर हजारों कॉल आने लगे, तो योगेंद्र यादव, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया जैसे नेताओं ने फोन पर आईवीआरएस लगवा लिया।

अगर आप योगेंद्र यादव को कॉल करते हैं, तो पहले से रिकॉर्ड संदेश सुनाई देता है।

कॉल करने पर यह बोलता है फोन

यह संदेश कुछ इस तरह है, "जी, मैं योगेंद्र यादव बोल रहा हूं। यह मेरी रिकॉर्डेड आवाज है और मेरा कोई साथी आपसे जल्द बात करेगा। अगर आप इंग्लिश में बात करना चाहते हैं, तो एक दबाएं, अगर आप मीडिया से हैं, तो दो दबाएं, अगर आप हरियाणा से हैं, तो तीन दबाएं।"

मौजूदा सिस्टम का बचाव करते हुए पार्टी नेता ने कहा कि इन दिनों नेताओं के पास इतने कॉल आ रहे हैं कि हर बार कॉल पिक कर उस पर बात करना मुमकिन नहीं रह गया है।
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खाप पर खिंच सकती है तलवार

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि खाप पंचायत पर पाबंदी लगाने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, "खाप पंचायत लोगों का ऐसा समूह हैं, जो साथ मिलते हैं। इस देश में लोगों के एक साथ जुटने पर कोई पाबंदी नहीं है...।"

उन्होंने कहा, "लेकिन जब कभी खाप पंचायतें गलत फैसला करेंगी, गैरकानूनी तौर पर कोई कदम उठाया जाएगा, तो उन्हें सजा दी जानी तय है।" जाहिर है, इस फैसले को लेकर केजरीवाल का विरोध भी शुरू हो गया है।
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