कृषि, शिक्षा, खेल और ढांचागत सुविधाओं में अव्वल होने के बाद अब कौशल विकास के क्षेत्र में भी हरियाणा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन का लक्ष्य रखा है। राज्य के मुख्य सचिव पीके चौधरी के मुताबिक पिछले सात वर्षों के दौरान राज्य में तकनीकी संस्थानों की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी हुई है।
मौजूदा समय में राज्य में तकनीकी संस्थाओं की संख्या 641 तक पहुंच गई है। हाल ही में कुंडली में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन (निफटेम) नाम से डीम्ड विश्वविद्यालय शुरू हुआ है। यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का पहला ऐसा विवि है, जहां विद्यार्थियों को खाद्य प्रौद्योगिकी के साथ प्रबंधन के गुर सिखाए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्य की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन की जानकारी देते हुए चौधरी ने बताया कि इस दफा व्यापार मेले की थीम ‘कौशल विकास में उन्नत भारत’ है, जिसके तहत राज्य के मंडप का प्रदर्शन कौशल विकास में उन्नत हरियाणा किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास की गति को बनाये रखने के लिये कौशल विकास को बढ़ावा देना जरूरी है। हरियाणा की विकास दर राष्ट्रीय विकास दर से ज्यादा है। इसे देखते हुये राज्य सरकार ने कौशल विकास के क्षेत्र में भी उत्कृष्टता प्राप्त करने का निश्चय किया है।
चौधरी के मुताबिक कौशल विकास के क्षेत्र में राज्य सरकार ने सराहनीय प्रयास किये हैं। पिछले सात वर्षों में प्रदेश में तकनीकी संस्थाओं की संख्या 160 से बढ़कर 641 हो गई है। इन संस्थाओं में छात्रों की प्रवेश संख्या भी 28,445 से बढ़कर 1,42,226 हो गई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थान भी प्रदेश में स्थापित किये गये हैं। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि कौशल विकास के लाभ प्रदेश के सभी भागों तक पहुंचे।
इस अवसर पर राज्य के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव वाईएस मलिक, तकनीकी शिक्षा के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव धनपत सिंह, हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक और हरियाणा भवन में प्रधान आवासीय आयुक्त पीके महापात्रा के अलावा हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के प्रशासक और हरियाणा भवन में अतिरिक्त आवासीय आयुक्त आनंद मोहन शरण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।