हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एचएसजीपीसी) के गठन के फैसले से पीछे नहीं हटते हैं तो केंद्र सरकार इस फैसले के खिलाफ प्रेसिडेंशियल रिफरेंस यानी राष्ट्रपति संदर्भ लाने का कदम उठा सकती है।
इसके तहत राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट से इस मसले पर राय मांग सकते हैं। कानून मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को यह राय भी भेजी है कि अगर राज्य सरकार विधानसभा में पारित हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन बिल पर अड़ी रही तो हुड्डा सरकार को बर्खास्त भी किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक देश भर के गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एसजीपीसी) का गठन केंद्र में कानून बना कर किया गया था।
लिहाजा इसमें कोई भी बदलाव केंद्र सरकार और राष्ट्रपति के दखल के बिना नहीं किया जा सकता। लेकिन आने वाले विधानसभा चुनाव पर नजर टिकाए कांग्रेसी मुख्यमंत्री हुड्डा ने हरियाणा के लिए अलग प्रबंधन कमेटी के गठन का कानूनी रास्ता अख्तियार किया है।