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हार्दिक पटेल के खासम-खास पर लगा धोखाधड़ी का आरोप

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गुजरात में पाटीदार समाज के लिए ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचने वाले हार्दिक पटेल के एक बेहद करीबी नेता पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है।
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गुजरात के अमरेली में कपास की ओटाई कारखाने के एक मालिक ने दिनेश बमभानिया उर्फ दिनेश पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है। दिनेश पटेल पाटीदार आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे हार्दिक पटेल के खास सहयोगी हैं।

दिनेश गुजरात की पूर्व केशुभाई पटेल की सरकार में मंत्री रहे स्व. सावजी कोरट के करीबी रिश्तेदार हैं। दिनेश जसदान सीट से पूर्व निर्दलीय विधायक भीखाभाई बमभानिया के भतीजे हैं।
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हार्दिक पटेल पर भी लगा आरोप

अमरेली की मुरलीधर कपास फैक्टरी के मालिक पूनाभाई तलाविया ने दामनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि दिनेश के ऊपर उनके 52 लाख रुपए बकाया है, जिन्हें देने से वो इंकार कर रहे हैं।

तलाविया का यह भी आरोप है कि दिनेश ने उनसे जमीन बेचने के नाम पर भी धोखाधड़ी की है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनेश पटेल ने कहा कि उनपर लगाया गया आरोप राजनीति से प्रेरित और आरक्षण के आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है।

वहीं, दूसरी तरफ सरदार पटेल ग्रुप के अध्यक्ष लालजी पटेल ने आरोप लगाया कि उन्होंने हार्दिक पटेल को सिर्फ आंदोलन के सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन हार्दिक ने खुद को इस आंदोलन के नेता के तौर पर दिखाने की कोशिश की है।

लालजी पटेल ने कहा कि एक बार उन्होंने हार्दिक से सरदार पटेल ग्रुप के सभी सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड भी मांगा था, लेकिन हार्दिक ने गलत पासवर्ड दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि वे हार्दिक पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हार्दिक पटेल सरदार पटेल ग्रुप के आजीवन सदस्य हैं और जब तक वह किसी असामाजिक गतिविधि में नहीं पकड़े जाते, तब तक उन्हें संगठन से नहीं निकाला जाएगा।
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आंदोलन से हुए नुकसान का हर्जाना हार्दिक से वसूलने की गुहार

पटेल आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हार्दिक पटेल इस सप्ताह के अंत तक उल्टी दांडी यात्रा का आयोजन करेंगे। इसके तहत वह दांडी से अहमदाबाद की यात्रा करने वाले हैं। दूसरी ओर गुजरात हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर पटेल आंदोलन से राज्य में हुए नुकसान का हर्जाना हार्दिक पटेल से वसूले जाने की गुहार लगाई गई है।

महात्मा गांधी द्वारा 1930 में की गई दांडी यात्रा स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। ऐसे में हार्दिक के अपने आंदोलन के दूसरे चरण के लिए इस स्थान को चुनने के पीछे विभिन्न साझेदारों को संदेश देने और आंदोलन को मजबूत करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की कोर कमेटी के सदस्य दिनेश पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहमदाबाद के साबरमती से दांडी तक की यात्रा की थी। इस 350 किलोमीटर लंबे मार्ग पर हम अपनी पाटीदार अनामत कूच का आयोजन करेंगे। यह यात्रा 5 या 6 सितंबर को शुरू की जाएगी।

वहीं, अहमदाबाद के अधिवक्ता चारूदत्त व्यास ने गुजरात हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पटेल समुदाय के विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए एक आयोग गठित करने की गुहार की है। याचिका में कहा गया है कि सार्वजनिक और निजी संपत्ति को पहुंचे नुकसान का मुआवजा हार्दिक पटेल से वसूला जाना चाहिए। याचिका में कानून व्यवस्था को बहाल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यय को भी वसूलने की बात कही गई है।
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