सुखदेव सिंह नामधारी ने अपने पीएसओ सचिन त्यागी की मदद से गाजियाबाद में ही हरदीप चड्ढा की हत्या का षड्यंत्र रचा था। चड्ढा बंधु हत्याकांड में नामधारी व सचिन ने छतरपुर फार्म हाउस में आते ही बिना उकसावे के गोलियां चलाने लगे और हरदीप की हत्या कर दी। अदालत के समक्ष पुलिस ने उक्त खुलासे किए। अदालत ने सचिन से पूरे षड्यंत्र की जानकारी लेने के लिए उसे तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल सचिन त्यागी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। सचिन को मंगलवार दोपहर बाद साकेत स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नेहा के समक्ष पेश किया गया। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि फार्म हाउस में अचानक गोलीबारी नहीं हुई, बल्कि पहले से ही हत्या का षड्यंत्र रच लिया गया था।
उन्होंने कहा नामधारी ने अपने पीएसओ सचिन त्यागी व अन्य साथियों के साथ गाजियाबाद में मीटिंग की थी। इस मीटिंग में पहले से ही तय कर लिया गया था कि किस प्रकार हरदीप चड्ढा की हत्या करनी है। इसलिए फार्म हाउस में आते ही नामधारी व सचिन ने बिना किसी उकसावे के हरदीप पर गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद सचिन ने वहां से हत्या में प्रयुक्त हथियार गायब करने व साक्ष्य नष्ट करने में अहम भूमिका निभाई।
जांच अधिकारी ने कहा पोंटी चड्ढा ने नामधारी को बुलाया था, मगर हत्या के उद्देश्य से नहीं। सचिन से हथियार बरामद हो गया है, मगर अन्य हथियार बरामद करने के अलावा गाजियाबाद में उस स्थान की पहचान करनी है जहां पूरा षड्यंत्र रचा गया।
बचाव पक्ष के वकील ने रिमांड पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका मुवक्किल पुलिसकर्मी है और उसने अपना कर्तव्य निभाते हुए नामधारी की सुरक्षा में गोली चलाई थी। अदालत ने उनके तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि साक्ष्यों को जुटाने व हथियारों की बरामदगी के लिए सचिन से पूछताछ जरूरी है।