औरंगाबाद के 22 साल के इंजीनियर के छात्र ने इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसे और उसके भाई को चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाया गया था।
पुलिस हेड कॉन्सटेबल अशोक जावले के बेटे भास्कर जावले ने उस वक्त आत्महत्या कर ली जब पिता एक शादी में गए हुए थे।
भास्कर ने पिता को कॉल करके बताया कि वह आत्महत्या कर रहा है।
घबराए हुए पिता ने अपने एक रिश्तेदार को फोन करके तुरंत घर पहुंचने के लिए कहा। लेकिन इससे पहले कि कोई भास्कर तक पहुंच पाता, वह पहले ही फांसी के फंदे पर झूल चुका था।
भास्कर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह पुलिस से तंग होकर आत्महत्या कर रहा है। उसकी मौत के लिए परिवार या दोस्त कोई भी जिम्मेदार नहीं हैं।
उसने यह भी लिखा कि पुलिस ने उसे और उसके भाई हेमंत को चोरी के फर्जी आरोपों में फंसा रखा है और उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।
नोट में एक और किस्से का बयान था कि उसके पिता ने उसे लताड़ा था कि वह देर रात शराब पीकर घर लौटा। भास्कर ने लिखा कि उसने शराब नहीं पी हुई थी।
घटना के बाद परिवार एवं स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन का घेराव किया और मामले की जांच की मांग की।