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‘हल्ला बोल’ ब्रिगेड करेगी मोदी सरकार की रक्षा

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आगामी 7 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में मोदी सरकार की विपक्षी दलों के हमलों से रक्षा भाजपा की हल्ला बोल ब्रिगेड करेगी।
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यह ब्रिगेड संसद के दोनों सदनों में विपक्षी हमलों और टोकाटाकी का उसी अंदाज में जवाब देगी। इस ब्रिगेड का संचालन हालांकि कोई एक वरिष्ठ सांसद करेगा, मगर इसमें पहली बार चुनकर आए सांसदों को ही मुख्य रूप से शामिल किया जाएगा।

सूरजकुंड में भाजपा के नए सांसदों की कार्यशाला में इस ब्रिगेड के निर्माण पर चर्चा के बाद सहमति बनी।

संसद में विरोधियों पर हल्‍ला बोलेगी

आम तौर से लोकसभा में करीब-करीब सभी दल अघोषित हल्ला बोल ब्रिगेड बनाते रहे हैं। इस ब्रिगेड का काम विरोधी दल के नेताओं के भाषण के दौरान टिप्पणी कर लय बिगाड़ना, चुटकी लेना, एक इशारे पर वेल में जाकर नारेबाजी करने के साथ-साथ सदन में किसी नेता की भाषण की पंक्तियां दुहराने और कभी कभी अजीब आवाजें निकालने का होता है।

सतना के भाजपा सांसद गणेश सिंह सहित कई युवा सांसदों ने बीती लोकसभा में तो राज्यसभा में ओडिशा के सांसद रुद्र नारायण पाणी के नेतृत्व में पार्टी की एक टीम ने इस भूमिका को निभाया था।

बीती लोकसभा में कांग्रेस की ओर से वर्तमान भाजपा सांसद जगदंबिका पाल, लाल सिंह, संजय निरूपम, अनु टंडन और उनकी टीम इसी भूमिका में थी। कार्यशाला में न केवल इस ब्रिगेड के निर्माण पर सहमति बनी, बल्कि पहली बार संसद पहुंचने वाले सांसदों को इस ब्रिगेड के महत्व और कार्यों से भी परिचित कराया गया।

16वीं लोकसभा में भाजपा के 170 सांसद पहली बार चुने गए हैं। पहली बार राज्यसभा पहुंचने वालों में भी भाजपा के 25 सांसद हैं।
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संसद में 'हल्ला बोल ब्रिगेड'

संसद के दोनों सदनों में करीब करीब हर बड़ा दल अघोषित रूप से हल्ला बोल ब्रिगेड बनाते हैं। इस ब्रिगेड के पास कई काम होते हैं।

मसलन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुद्दा विशेष पर हंगामा करते हुए आसन पर चर्चा का दबाव बनाना, विरोधी दल के भाषण के बीच में टीका टिप्पणी करना, भाषण के दौरान वार पर पलटवार करना, मुखिया के इशारे पर सीधे वेल में जाकर हंगामा करना जैसे कई काम इस ब्रिगेड को करने होते हैं।
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