शास्त्रीनगर के एल ब्लॉक निवासी डॉ. अनवार राना योग के दीवाने हैं। 21 बार हज यात्रा कर चुके डॉ. अनवार का मानना है कि योग को किसी धर्म से जोड़ना गलत है। योग से तन और मन स्वस्थ रहता है।
65 वर्षीय अनवार 2005 से पतंजलि योग विद्यापीठ के जरिए योग साधना से जुड़े। वे नियमित दो घंटे सुबह योग साधना करते हैं। इस उम्र में भी गौमुखासन, शीर्षासन, चक्रासन और मयूरासन जैसे कठिन आसन करते हैं।
पांच बेटियां और तीन बेटों के पिता डॉ. अनवार झारखंड, वेस्ट बंगाल, पंजाब, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व दिल्ली आदि राज्यों में जाकर योग साधना करा चुके हैं। वे लोगों को योग के फायदे बताते हैं।
नहीं ली सूर्य नमस्कार की शिक्षा
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अनवार बताते हैं कि मैंने सूर्य नमस्कार की शिक्षा नहीं ली। आसनों और प्राणायाम को मैं ‘अल्लाह हो’ के स्वर से करता हूं। योग मन को शांति, तन को सेहत देता है। बीमारियां दूर रखता है।
अनवार कहते हैं मैं सुबह उठकर योग करता हूं, फिर नमाज पढ़ता हूं। रोजा रखता और हज भी जाता हूं। योग तो व्यायाम है जो हमारे तन-मन को सुखद अहसास देता है।
हाजी, योगी और पतंजलि के महामंत्री
ट्रेवलिंग का काम करने वाले अनवार राना हाजी, योगी और योग के सबसे बड़ी पतंजलि विद्यापीठ में शिक्षक, महामंत्री हैं। अनवार बताते हैं 10 साल पहले योगगुरु बाबा रामदेव से भेंट हुई तो उनसे जुड़ने का मौका मिला। उनकी योग साधना से मैं प्रेरित हुआ। पतंजलि से योग की डिग्री ली। इसके बाद पीठ ने मुझे महामंत्री बनाया। तभी से योग साधना से जुड़ा हूं। 10 साल पहले पतंजलि से जब योग की शिक्षा ली उसी वक्त अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने भी अनवार के साथ ही बाबा से योग शिक्षा ग्रहण की थी।
11 मुस्लिम मुल्कों में दे चुके हैं शिक्षा
अरब, ईरान, इराक, पाकिस्तान, कुवैत, दुबई, मक्का-मदीना में भी अनवार योग शिक्षा की अलख जगा चुके हैं। बकौल अनवार मक्का-मदीना में स्थायी रूप से योग कक्षाएं चल रही हैं। उनके अनुसार योग से किसी भी असाध्य रोग से निजात मिल सकती है। इसे राजनीतिक रंग देना गलत है।
आयुष्मान भव: में लिया था हिस्सा
2011 में अमर उजाला ने आयुष्मान भव: योग शिविर का आयोजन किया था। इसमें भी डॉ. अनवार ने हिस्सा लिया था। 21 जून को भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।