पूर्वोत्तर में पर्यटन के संबंध में एनसीईआरटी की किताब में लिखे एक वाक्य को लेकर गुवाहाटी के एक छात्र ने प्रधानमंत्री से सफाई मांगी है।
उसने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछा है कि क्या किताब में लिखी यह बात सही है कि रणनीतिक कारणों के चलते पूर्वोत्तर में पर्यटन को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है।
गुवाहाटी के सिलपुखरी स्थित सरकारी स्कूल महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र काव्य बरनाध्या हजारिका ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सवाल पूछा है।
उसने कहा है कि एनसीईआरटी की दसवीं कक्षा की भूगोल की किताब के सातवें अध्याय ‘लाइफ लाइन ऑफ नेशनल इकोनामी’ के 92वें पृष्ठ पर लिखा है कि पूर्वोत्तर के राज्यों और हिमालय के अंदरूनी भागों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन रणनीतिक कारणों से अब तक वहां पर्यटन को प्रोत्साहित नहीं किया गया।
काव्य ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के साथ ही अप्रैल से लेकर अब तक राष्ट्रपति सचिवालय की हेल्पलाइन पर भी दो बार इस बारे में याचिका दी है। लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला है।
इसी वर्ष दसवीं की परीक्षा पास करने वाले काव्य ने कहा कि मैं यह जानना चाहता हूं कि वे रणनीतिक वजहें कौन सी हैं, जिसके चलते पूर्वोत्तर में विकास नहीं हो पाया है।