नरेंद्र मोदी के गुजरात में बहुत से लोगों के लिए ईद का जश्न फीका पड़ गया। अहमदाबाद के पांच बड़े मॉल में शुमार द हिमालयन मॉल ने शुक्रवार को अल्पसंख्यकों से 20 रुपए की एंट्री फीस वसूली।
टीओआई की खबर के मुताबिक मॉल से खरीदारी करने पर यह फीस उन्हें लौटा दी गई, लेकिन जिन लोगों ने कुछ नहीं खरीदा, उन्हें यह फीस वापस नहीं मिली।
अपने परिवार के साथ मॉल पहुंचे देल्ही चकला के रहने वाले सय्यद शेख ने बताया, 'सुरक्षाकर्मियों ने चुनिंदा लोगों के साथ ऐसा किया। हमने ऐसे लोगों को भी जाते देखा, जिनसे कोई पैसा नहीं लिया गया। जब सुरक्षा गार्ड से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे ही ऑर्डर मिले हैं। हम स्तब्ध रह गए।'
शाहपुर के इलियास अंसारी ने कहा, 'हम एंट्री फीस देने के लिए तैयार हैं, बशर्ते वे सभी से ली जाए। सिर्फ एक समुदाय के साथ ऐसा भेदभाव क्यों?'
लेकिन मॉल इससे इंकार कर रहा है। उसकी मैनेजर (ऑपरेशंस) दीपा भटनागर ने कहा, 'हमने असामाजिक तत्वों को दूर रखने के लिए ऐसा किया है। दिवाली समेत आगामी त्योहारी सीजन में भी हम ऐसी ही एंट्री फीस वसूलने की योजना बना रहे हैं। अगर ग्राहक खरीदारी करता है, तो फीस लौटा दी गई। इसलिए देखा जाए, तो एंट्री व्यावहारिक रूप से मुफ्त ही थी।'
मॉल अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल ईद के दौरान मॉल के अंदर दो समूहों में लड़ाई हो गई थी और शीशे की दीवार चकनाचूर हो गई थी।
शुक्रवार को सुरक्षा गार्ड की तादाद बढ़ा दी गई थी और मॉल के भीतर-बाहर पुलिसकर्मियों की टीम भी तैनात की गई थी, ताकि किसी तरह का कोई 'बवाल' न हो।