2002 के बाद गुजरात से एक बार फिर सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। मोदी पिछले काफी वक्त से कहते रहे हैं कि,"2002 के बाद गुजरात में हिंसा नहीं हुई।" सवाल ये है कि क्या गुजरात से मोदी के जाने के बाद शांति का युग खत्म हो गया है?
पिछले दिनों गुजरात के वडोदरा, अहमदाबाद, भावनगर और अन्य जगहों से सांप्रदायिक हिंसा की खबरें सामने आई हैं। ऐसा लग रहा है कि मोदी के दिल्ली जाने के बाद से सांप्रदायिक ताकतें हरकत में आ गई हैं और सिर उठा रही हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक ऐसा लग रहा है जैसे कानून का शासन खत्म हो गया हो। अपराधियों द्वारा पुलिस पर हमला करने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
अहमदाबाद और वडोदरा के बाद अब दक्षिण गुजरात के दाभेल में भी पुलिस पर हमले का मामला सामने आया है जहां मंगलवार को भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और इसमें तीन पुलिसवाले जख्मी हो गए।