गुजरात में अब अगर आपको घोटालों के नाम से व्यंजन मिले तो हैरान मत होइएगा। राज्य के रेस्टोरेंट जल्द ही आपकी मनपंसद खाने के व्यंजन को राजनीतिक तड़के के साथ पेश करने वाले हैं।
मुंबई में अदिति रेस्टोरेंट पर कांग्रेसियों के हमले के बाद अब गुजरात के रेस्टोरेंट और होटल मालिक यूपीए सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
होटल बिल पर यूपीए का मजाक, बंद कराने पहुंचे कांग्रेसी
गुजरात राज्य होटल महासंघ (जीआएसएफ) ने अदिति रेस्टोरेंट का साथ देते हुए फैसला किया है कि होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की चीजों के नाम यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों पर रखे जाएंगे।
जीआरएचएफ के राज्य में 6000 सदस्य हैं।
होटल मालिक और जीआरएचएफ सदस्य अश्विनी गांधी ने महासंघ के अन्य सदस्यों के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि खाने-पीने के व्यंजनों का नामकरण घोटालों के नाम पर करना एक उपयुक्त जवाब है। वे कहते हैं कि प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है।
प्रस्ताव को मिला रहा समर्थन
दक्षिणी गुजारत होटल संघ के उपाध्यक्ष संत रेलिया ने भी जीआरएचएफ के प्रस्ताव को समर्थन दिया है। उनका कहना है कि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाने के बाद बोफोर्स, 2जी और अन्य घोटाले के नाम उनके मेन्यू में मौजूद होंगे।
साथ ही अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हमने सेवाकर हटाने के लिए सरकार को समझोन की बहुत कोशिश की थी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हो सकता है यह विरोध मदद करे।
अदिति रेस्टोरेंट को मांगनी पड़ी थी माफी
यह मामला तब शुरू हुआ जब मुंबई में परेल इलाके के अदिति रेस्टोरेंट ने अपने ग्राहकों को देने वाले बिल पर एक व्यांग्यात्क संदेश लिखकर देना शुरू किया।
संदेश यह था, 'यूपीए सरकार के अनुसार घूस खाना (टू जी, कोलगेट, राष्ट्रमंडल खेल घोटाला) जरूरत है और एक एसी वाले रेस्टोरेंट में भोजन करना विलासिता है।'