लगातार तीसरी बार जदयू के अध्यक्ष बनने जा रहे शरद यादव का कहना है कि गुजरात विकास का मॉडल पूरे देश में लागू नहीं हो सकता।
यह पूछे जाने पर कि आजकल गुजरात मॉडल के विकास की बहुत चर्चा हैं। दूसरी तरफ बिहार मॉडल भी है। आपकी नजर में कौन सा मॉडल बेहतर है?
इसका जवाब देते हुए यादव ने कहा कि गुजरात का मॉडल पूरे देश में लागू नहीं हो सकता। बिहार का मॉडल ही बेहतर है।
वह इसलिए नहीं कि उनकी पार्टी की वहां सरकार है, बल्कि बिहार एक पिछड़ा राज्य है और बिहार के विकास मॉडल के लागू होने से देश का भी विकास होगा।
यह सभी पिछड़े इलाकों के लिए फायदेमंद है। यह गरीबों के हक में है।
यह पूछे जाने पर कि अगर बिहार को केद्र सरकार विशेष पैकेज या विशेष राज्य का दर्जा देती है तो क्या आपकी पार्टी कांग्रेस से हाथ मिला लेगी?
इस पर उन्होंने कहा कि सवाल ही नहीं उठता। नीतीश कुमार ने भी अपना बयान दे दिया है।
यह कहे जाने पर कि अपकी पार्टी के एक महासचिव का कहना है कि कांग्रेस से हाथ मिलाने में कोई बुराई नहीं हैं।
इसका जवाब देते हुए यादव ने कहा कि यह उनकी निजी राय हो सकती है। पार्टी ऐसा नहीं मानती। इसके अलावा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के मामले का संबंध राजनीति से नहीं है।