मोदी के गुजरात की एक कंपनी, नीतीश के बिहार में बन रही नालंदा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी का डिजाइन और मास्टरप्लान तैयार कर रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर गोपा सभरवाल ने बताया कि चार आर्किटेक्ट्स की ज्यूरी ने यूनिवर्सिटी का डिजाइन तैयार करने के लिए अहमदाबाद की कंपनी वास्तु शिल्प कंसल्टेंट्स को चुना है।
सभरवाल ने इस बारे में और जानकारी देते हुए कहा कि इस काम के लिए 79 प्रपोजल मिले थे। इस ज्यूरी में सिंगापुर, चीन, जापान और भारत के आर्किटेक्ट्स शामिल थे।
प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी की तरह यह पूरी तरह आवासीय होगा। इसमें साइंस, फिलॉसोफी, अध्यात्म और सोशल साइंस के कोर्सेस होंगे।
इस प्रोजेक्ट को 2006 में शुरू किया गया था जिसकी पहल उस समय के राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने की थी।
446 एकड़ में बन रही यह यूनिवर्सिटी राजगीर में उस जगह से दस किलोमीटर दूरी पर बन रही है जहां प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी थी।
प्राचीन यूनिवर्सिटी 1197 तक अस्तित्व में था जहां अध्ययन के लिए कोरिया, जापान, चीन, तिब्बत, इंडोनेशिया, पर्सिया और टर्की से छात्र और विद्वान आते थे।