कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गुजरात मॉडल को ‘टॉफी मॉडल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मॉडल से राज्य में सिर्फ एक ही उद्योगपति को फायदा हुआ है जबकि गरीबों व किसानों के हितों को नजरअंदाज किया गया है।
सोमवार को लातूर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने महिला सशक्तिकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है, जबकि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता आरएसएस के कैडरों के साथ मिलकर मंगलौर के एक पब में महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं और गुजरात के मुख्यमंत्री एक महिला का फोन टैप करने के लिए अपनी समूची पावर और पुलिस तंत्र को लगा देते हैं।
'गुजरात मॉडल का फायदा सिर्फ एक उद्योगपति को'
उन्होंने कहा, ‘आपको पता ही होगा कि आडवाणी और जसवंत सिंह को रास्ते से हटा दिया गया है। अब एक नए नेता उभर कर आए हैं। उनका नाम नरेंद्र मोदी है। पहले अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी की जोड़ी हुआ करती थी। अब मोदी और अडानी की नई जोड़ी सामने आई है।’
राहुल ने आगे कहा, ‘औरंगाबाद के बराबर 4500 एकड़ जमीन महज 300 करोड़ में दे दी गई। यह गुजरात मॉडल नहीं, बल्कि टॉफी मॉडल है। एक रुपये में टॉफी मिलती है और एक रुपये मीटर जमीन दे दी गई। यह जमीन गरीबों और किसानों की थी।’
उन्होंने कहा कि नैनो कार बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का लोन दिया गया। जबकि गुजरात में शिक्षा व स्वास्थ्य पर इतना पैसा खर्च नहीं किया गया। भाजपा के महिला सशक्तिकरण के प्रचार पर गांधी ने कहा कि भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में 20 हजार से महिलाएं ‘गायब’ हैं।
राहुल का पटनायक सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान
वहीं, उड़ीसा में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजू जनता दल की सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया है। जगतसिंहपुर की एक चुनावी रैली में राहुल ने कहा कि नवीन पटनायक की सरकार को यूपीए की ओर से ज्यादा से ज्यादा फंड मुहैया कराया गया लेकिन पैसा लोगों तक नहीं पहुंचा।
बीजद सरकार बेरोजगारों की फौज पैदा करने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा कि यूपीए सरकार इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण करने जा रही है, जिसके तहत बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार मिलेगा। यह बदलाव का समय है। इसलिए उड़ीसा का मौजूदा सरकार को थोड़ा आराम दें और वास्तविक विकास के लिए कांग्रेस को सत्ता सौंपे।
'बीजद दे रही चुनिंदा औद्योगिक घरानों को तरजीह'
राहुल ने कहा कि खनिज संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद रघुराम राजन कमेटी की रिपोर्ट ने इसे पिछड़े राज्यों की सूची में शामिल किया है। हम चाहते हैं कि लोगों का पैसा उनकी जेब में जाए। उनका पैसा चुनिंदा औद्योगिक घरानों में न बांटा जाए। आजकल ज्यादातर चीजों पर मेड इन चाइना का लेबल लगा होता है क्या आप नहीं चाहते कि इस पर मेड इन ओडिशा या मेड इन इंडिया का लेबल लगे।
पिछले एक पखवाड़े के दौरान उड़ीसा का दूसरा दौरा कर रहे राहुल ने कहा कि यूपीए सरकार ने नवीन पटनायक सरकार को भरपूर फंड दिया लेकिन जरूरतमंद और गरीब लोगों तक विकास नहीं पहुंचा। उड़ीसा सरकार सिर्फ चाहती है कि सिर्फ तीन या चार चुनिंदा औद्योगिक घरानों को ही राज्य के संसाधनों को लाभ मिले। जबकि कांग्रेस की हमेशा नीति रही है कि सभी का विकास हो।