भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष अभियान को तकनीकी दिक्कतों के कारण सोमवार को रोक दिया गया है।
200 करोड़ रुपए के इस अभियान के तहत प्रक्षेपण यान जीएसएलवी डी5 की उड़ान रद्द कर दी गई है। डी5 अत्याधुनिक संचार उपग्रह जी सैट 14 को लेकर श्रीहरिकोटा से सोमवार शाम 4.50 बजे उड़ान भरने वाला था।
इस उड़ान के लिए रविवार सुबह से उल्टी गिनती शुरू कर दी गई थी लेकिन ईंधन लीक होने के कारण डी 5 की उड़ान टाल दी गई है। उड़ान की नई तरीखों की घोषणा बाद में की जाएगी।
जीएसएलवी डी5 प्रक्षेपण यान एक हजार 980 किलोग्राम वजन के दूरसंचार उपग्रह जी सैट 14 को लेकर अपनी कक्षा की ओर उड़ान भरने वाला था। इसके लिए 29 घंटों की उल्टी गिनती शुरू की गई थी।
प्रक्षेपण में मुख्य विशेषता यह थी कि इसमें स्वदेश निर्मित क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल किया गया था। क्रायोजेनिक इंजन में ईंधन के रूप में शून्य से 150 डिग्री सेल्सियस से भी कम तापमान में रखी गई तरलीकृत गैस का इस्तेमाल किया गया था।
इसरो के इस अभियान पर पूरी दुनिया की नजर है। यह पिछले तीन सालों में जीएसएलवी का पहला मिशन है। इससे पहले साल 2010 में दो रॉकटे्स फेल हो चुके हैं। जिनमें से एक में स्वेदश निर्मित क्रायोजेनिक इंजन और दूसरे में रूसी इंजन का इस्तेमाल किया गया था।