ग्रीनपीस इंडिया को देश में बंद होने से रोकने के लिए उसके कर्मचारियों ने जिम्मेदारी अपने सिर ले ली है। एनजीओ के प्रमुख ने बताया कि वे जून तक इसे देश में चलने देंगे क्योंकि कर्मचारियों का कहना है कि वे एक महीने तक मुफ्त में भी काम करने को तैयार हैं। गृह मंत्रालय की तरफ से एनजीओ के अकाउंट ब्लॉक किए जाने के चलते बंद होने का खतरा झेल रहे ग्रीनपीस के प्रबंधक समित एच ने एक प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया, ''आज मेरे स्टाफ ने दिल छू लेने वाला एक पत्र मुझे भेजा, जिसमें उन्होंने एक महीने के लिए बिना सैलरी काम करने का वादा किया है। मैं आशा करता हूं कि ऐसी नौबत नहीं आएगी और मेरे कर्मचारी और उनके परिवारवाले इस मुश्किल से बाहर आ सकेंगे। लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो हम ग्रीनपीस इंडिया के मूलभूत कार्य जून के अंतिम तक जारी रखेंगे। करीब 30,000 लोगों ने गृह मंत्रालय में अर्जी दायर कर गृह मंत्री से कहा है कि वे सामाजिक समूहों पर इस तरह की कड़ी कार्रवाई को खत्म करें और हमारे अकाउंट पर से पाबंदी हटा लें।'' उन्होंने ने कहा,'' ग्रीनपीस इंटरनेशनल भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थिति को लेकर काफी चिंतित है क्योंकि संस्थान के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।