महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त मिलने के बावजूद पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा है कि आम आदमी के लिए सालाना रियायती रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या नौ से ज्यादा नहीं बढ़ाई जाएगी।
हालांकि उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सुविधाओं को बेहतर करने का काम जरूर किया जाएगा।
शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में मोइली ने कहा कि सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की जरूरत के साथ सरकार की वित्तीय सेहत पर ध्यान देना जरूरी है। इस मुद्दे पर यूपीए सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में डीजल के मूल्य में एकमुश्त बड़े इजाफे का संकेत भी दिया। मोइली ने कहा कि किरीट पारिख समिति की सिफारिशें आर्थिक मजबूती के लिए ठीक हैं। देश को आगे ले जाने के लिए सुधार जरूरी है लेकिन समिति के प्रस्ताव को लागू करना मुमकिन है या नहीं इस पर विचार करना होगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय सरकार की वित्तीय स्थिति और आम आदमी की जेब दोनों को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लेगा। फिलहाल जरूरत के मुताबिक तेल कंपनियां प्रत्येक माह 50 पैसा प्रति लीटर डीजल के दाम बढ़ा रही है।
गौरतलब है कि किरीट पारिख समिति ने डीजल के दाम में एकमुश्त पांच रुपये प्रति लीटर इजाफे की सिफारिश की थी। इसके अलावा डीजल सब्सिडी बोझ को अधिकतम एक वर्ष में खत्म करने का सुझाव भी दिया गया था।