इशरत जहां मुठभेड़ मामले में केन्द्रीय गृहमंत्रालय के हलफनामे में बदलाव को लेकर सरकार जांच आयोग गठित कर सकती है। सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण को लेकर हो रहे खुलासे को सरकार गंभीरता से ले रही है।
पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई और अवर सचिव आरवीएस मणि के खुलासे पर संवेदनशील सरकार कानून मंत्रालय और एटार्नी जनरल से कानूनी राय ले रही है। बताते हैं इशरत जहां मुठभेड़ मामले को लेकर तत्कालीन गृहमंत्री शिवराज पाटील के समय में दाखिल हलफनामा और बाद में दाखिल हलफनामें में हुए बदलाव की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
बदले हुए हलनामें में केन्द्र सरकार ने इशरत जहां के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंध वाले अंश को हटा दिया था। जबकि अगस्त 2009 के हलफनामें मे इशरत को लश्कर का आतंकी बताया गया था। इसको लेकर गृहमंत्रालय भी जांच कर रहा है।