सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड के उपयोग को अनिवार्य किए जाने के कदम को केंद्र सरकार कानूनी जामा पहनाने में जुट गई है। इसके लिए बृहस्पतिवार को सरकार ने लोकसभा में आधार विधेयक, 2016 को बतौर मनी बिल के तौर पर पेश किया।
विपक्ष के पुरजोर विरोध के बावजूद लोकसभा अध्यक्ष ने विधेयक को पेश करने की अनुमति प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष से इस बिल को पारित होने देने का आग्रह किया। बृहस्पतिवार को विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सब्सिडी का फायदा सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए आधार को कानूनी बनाया जा रहा है।
सरकार ने ये भी साफ किया है कि आधार का मतलब नागरिकता नहीं है। सरकार की ज्यादातर योजनाएं आधार पर निर्भर हैं, इसलिए इसे कानूनी दर्जा दिया जा रहा है।