केंद्र सरकार राज्य लोक सेवा के अधिकारियों को प्रमोशन देकर आईएएस और आईपीएस बनाने की प्रक्रिया में बदलाव करने को सोच रही है।
अगर ऐसा हुआ तो प्रमोशन के लिए राज्य के पीसीएस अधिकारियों को प्रतियोगी परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना पड़ सकता है।
और उसमें वरीयता क्रम के आधार पर चयनित होने के बाद ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के लिए प्रमोट किए जाएंगे। केंद्र ने प्रमोशन के वर्तमान नियमों में बदलाव पर सभी राज्यों से अपना पक्ष 31 मई तक पेश करने को कहा है।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को अगर तय समय में राज्य इस संबंध में अपने सुझाव नहीं देते हैं तो केंद्र फिर प्रशासनिक सुधार आयोग और संघ लोक सेवा आयोग की अनुशंसा के आधार पर प्रमोशन प्रक्रिया पर निर्णय लेगा। दोनों ने प्रमोशन के नियमों में बदलाव के लिए अनुशंसा की है।
उन्होंने जो प्रस्ताव दिया है उसके तहत प्रमोशन के लिए 1000 अंकों की परीक्षा और साक्षात्कार होगा। जिनमें 400 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। राज्य में सर्विस कितनी लंबी है यानी वरिष्ठता पर 200 अंक रखे जाएंगे।
इसी तरह सर्विस रिकार्ड पर 250 अंक होंगे तथा साक्षात्कार 150 अंकों का होगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वरिष्ठता और वार्षिक विश्वसनीय रिपोर्ट (एसीआर) के आधार पर राज्य सेवा के पीसीएस अधिकारियों को आईएएस और आईपीएस में प्रमोशन दिया जाता है।