जलवायु परिवर्तन के खतरों से जूझने के लिए पर्यावरण मंत्रालय कई नई पहल पर मंथन कर रहा है। हरित भारत मिशन से कई मंत्रालयों की योजनाओं को जोड़ने के लिए पहल की जा रही है।
मनरेगा जैसी महात्वाकांक्षी योजनाओं में इसी अहम भूमिका की संभावनाओं को महसूस कर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। भारत ने पेरिस सम्मलेन को विकासशील देशों पर बंदिशों को थोपने का विरोध करते हुए स्वत: उठाए जा रहे कार्यक्रमों पर सीमित रखने पर जोर दिया है।
लिहाजा एजेंडे के लिए विभिन्न मंत्रालयों से विचार विमर्श के बाद पहल को आईएनडीसी में शामिल किया जा रहा है।
पर्यावरण मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देश के सभी राज्यों ने जलवायु खतरों के निपटने के लिए स्टेट प्लान बना लिया है। इस बिन्दु को इनटेंडेड नेशनली डिटरमिंड कांट्रीब्यूशन ( आईएनडीसी) में शामिल किया जा सकता है।