केंद्र सरकार ने अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को उनके पद से हटा दिया है। विदेश मंत्रालय ने उन्हें अगले आदेश तक अनिवार्य पदस्थापन के इंतजार में रखा है। 40 वर्षीय खोबरागड़े पिछले साल वीजा धोखाधड़ी मामले को लेकर अमेरिका में अपनी गिरफ्तारी को लेकर सुर्खियों में रही थीं।
सरकार की कार्रवाई पर राजनयिक ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और इस मामले को लेकर वह इस्तीफा नहीं देंगी। माना जा रहा है कि मंत्रालय से अपने बच्चों के अमेरिकी पासपोर्ट होने की जानकारी छिपाने के चलते उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।
जांच में पाया गया कि उनका काम आचरण नियमों का उल्लंघन है। इसी के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही विदेश मंत्रालय बिना अनुमति के मीडिया में बयानबाजी करने से भी नाराज था और इस मामले की भी जांच हो रही है।
जनवरी में अमेरिका से वापस आने के बाद खोबरागड़े को विदेश मंत्रालय में ही विकास साझीदारी विभाग (डेवलपमेंट पार्टनरशिप डिवीजन) में डायरेक्टर स्तर का पद सौंपा गया था। अब विदेश विभाग ने उन्हें इस पद से हटाकर अनिवार्य पदस्थापन के इंतजार में रख दिया है।