फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव में पानी की तरह बहा पैसा, बन गया नया रिकॉर्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
कई मायनों में नए कीर्तिमान रचने वाले मौजूदा लोकसभा चुनाव ने खर्च के मामले भी नया रिकॉर्ड बना दिया है।
विज्ञापन


16वें लोकसभा चुनावों पर सरकार को 3426 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। 2009 की तुलना में यह खर्च 131 प्रतिशत से भी ज्यादा है। पांच साल पहले लोकसभा चुनावों में 1483 करोड़ रुपये का खर्च हुआ था।

हालांकि अनुमान है कि नौ चरण के मतदान में राजनीतिक दलों, सरकार और उम्मीदवारों द्वारा करीब 30 हजार करोड़ रुपये का खर्च हुआ, जिसमें यह सरकारी खर्च भी शामिल है।
विज्ञापन


चुनाव आयोग का मानना है कि महंगाई और वोटिंग के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए चलाए गए अभियान की वजह से खर्च में बढ़ोतरी हुई।
Trending Videos
विज्ञापन

2009 की तुलना में 131 प्रतिशत ज्यादा हुआ खर्च

पिछली बार की तुलना में ज्यादा राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या भी ज्यादा रही, इस वजह से भी चुनावी खर्च बढ़ा। इसके अलावा वोटर जागरूकता कार्यक्रम, वोटर स्लिप का वितरण व अन्य औपचारिकताओं से भी खर्च बढ़ा।

चुनाव आयोग के मुताबिक आम चुनावों का खर्च 2009 में पहले ही 1952 की तुलना में 20 गुना बढ़ गया था। 1952 में प्रति वोटर खर्च 60 पैसे आया था जबकि 2009 में यही खर्च बढ़कर 12 रुपये प्रति वोटर हो गया।

1952 में कुल खर्च 10.45 करोड़ रुपये हुआ था जबकि 2009 के चुनावों में 1483 करोड़ रुपये का बोझ सरकारी खजाने पर पड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें