सरकार ने उत्पादन में देरी के चलते 27 कोयल खदानों के आवंटियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है जबकि 21 अन्य से समय पर काम शुरू होने का स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कोयला मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि यह फैसला इसी हफ्ते लिया गया है, हालांकि उन्होंने कंपनियों के नाम का खुलासा करने से इंकार कर दिया।
अंतर-मंत्रालय समूह (आईएमजी) की सिफारिश के बाद ही यह कदम उठाए जा रहे हैं।
करीब 40 खदानों से उत्पादन में हो रही देरी के चलते अब तक जिंदल स्टील एंड पावर, हिंदुस्तान जिंक और अल्ट्राटेक को नोटिस जारी किया जा चुका है।
आईएमजी ने पिछले महीने 56 कोल ब्लॉकों की प्रगति की समीक्षा की थी और देरी करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी करने की सिफारिश की थी।
इससे पहले मंत्रालय एनटीपीसी, जीवीके पावर और मोनेट इस्पात समेत करीब 30 कंपनियों को नोटिस जारी कर चुका है।