राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने नक्सलियों के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत का विरोध किया है।
भागवत ने कहा कि नक्सलियों की हिंसात्मक नीति से तो अब नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले आदिवासी भी तंग आ चुके हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की परिवर्तन रैली पर नक्सली हमले के बाद सरकार ने नक्सलियों को लेकर कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है।
नागपुर में संघ के एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि नक्सलियों से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की हिंसा से जंगल में रहने वाले आदिवासी भी तंग आ चुके हैं।
भागवत ने देश में चीनी घुसपैठ को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के 65 साल बाद भी दुर्भाग्य से हम सीमा रेखा चिन्हित करने में नाकाम रहे हैं और इसी वजह से चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में काफी अंदर तक घुस आते हैं।