सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के जाति प्रमाण पत्र के प्रारूप में बदलाव किया है जिससे कि आरक्षण का लाभ पहुंचाना आसान हो सके।
कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन मामलों के मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि ओबीसी के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ लेने में परेशानी की बात सामने आई है।
प्रारूप में जाति या समुदाय के नाम लिखने के लिए जगह थी लेकिन इसमें उक्त जाति को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने संबंधी विशेष प्रस्ताव के बारे लिखने के लिए कोई जगह नहीं थी।
पिछड़ा वर्ग राष्ट्रीय आयोग ने इसका परीक्षण किया और ओबीसी सर्टिफिकेट के प्रारूप में बदलाव किया।