आगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील पर अंतिम मुहर तत्कालीन रक्षामंत्री प्रणब मुखर्जी ने लगाई थी। यूपीए सरकार द्वारा तैयार डील से जुड़े दस्तावेजों में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का भी नाम हैं।
बताया जा रहा है कि इटैलियन कंपनी फिनमेकानिका के साथ 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद के टेंडर को 2005 में अंतिम रुप दिया गया था। उस समय प्रणब मुखर्जी रक्षामंत्री थे और एसपी त्यागी वायुसेना प्रमुख।
फैक्टशीट में यूपीए की पूर्ववर्ती एनडीए सरकार में सुरक्षा सलाहकार रहे ब्रजेश मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2003 में हेलीकॉप्टर सौदों में तकनीकी बदलाव करने के लिए ब्रजेश मिश्रा ने तत्कालीन रक्षा सचिव को पत्र लिखा था।
गौरतलब है कि हेलीकॉप्टर सौदे में इटली में फिनमैकानिका के सीईओ गियूसेप्पे ओरसी की घूस देने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद भारत में बवाल मचा हुआ है। सौदों में पूर्व वायु सेना प्रमुख एसपी त्यागी पर घूस लेने के आरोप लग रहे हैं। केंद्र सरकार सौदे की सीबीआई जांच कराने की घोषणा कर चुकी है।
जसवंत ने किया त्यागी का बचाव
वहीं, हेलीकॉप्टर डील में पूर्व वायु सेना प्रमुख का नाम उछाले जाने के बाद गुरुवार को वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व रक्षामंत्री जसवंत सिंह उनके बचाव में उतर आए। त्यागी को लगभग क्लीन चिट देते हुए जसवंत ने एनडीए सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे बृजेश मिश्र के हेलीकाप्टर खरीद के मानदंड बदलवाने के फैसले को भी जायज ठहराया।
हालांकि भाजपा ने उनके बयान से दूरी बनाते हुए दो टूक कहा कि पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा व्यापक जांच के पक्ष में है, ताकि इस घोटाले के जिम्मेदार लोगों के चेहरे सामने आ सकें। जबकि पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि इस मामले में त्यागी समेत जो भी लोग जांच के घेरे में आएंगे, उन्हें जवाब देना ही होगा।
कंपनी ने घूस के लिए 217 करोड़ रखे थे अलग
इटली की सरकारी कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड ने भारत से हेलीकॉप्टर सौदा हासिल करने के लिए 217 करोड़ रुपए घूस देने के लिए अलग रखे थे। टेंडर दस्तावेज में मानदंडों में बदलाव के बाद ही कंपनी के हेलीकॉप्टर सौदे की रेस में शामिल हो पाए थे।
इटली की अदालत में दाखिल जांच रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दलाल ने 3600 करोड़ रुपए के सौदे में 7.5 फीसदी कमीशन पर हामी भर दी थी। लेकिन अंत में करीब 262 करोड़ रुपये की दलाली दी गई। एक दलाल ने दावा किया कि सौदा दिलाने के लिए पूर्व वायुसेना प्रमुख त्यागी के भाइयों को शुरू में ही 72 लाख रुपये दिए गए।