जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठियों के साथ दो हफ्ते तक चली मुठभेड़ संबंधी सेना के दावों को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है।
सरकार का कहना है कि ऐसा कोई भी सुबूत नहीं मिला है, जिससे घुसपैठ की पुष्टि होती हो। हालांकि सेना केरन ऑपरेशन को लेकर जताई जा रही सभी आशंकाओं को पहले ही खारिज कर चुकी है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घुसपैठ के मसले पर हाल ही में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक हुई।
इसमें महसूस किया गया कि सेना को घुसपैठ के खिलाफ जारी मुहिम से बच निकले आतंकियों को धर दबोचने के लिए अपना रिसेप्शन एरिया मजबूत करना चाहिए, जोकि नियंत्रण रेखा से भारतीय क्षेत्र में 4 से 5 किमी तक विस्तृत हो।
रिसेप्शन एरिया आमतौर पर एलओसी से एक स्थान पर पांच किमी तक होता है।
इसे सेना सीमा पर सैनिकों की पकड़ से बाहर हो चुके आतंकियों के खात्मे के लिए तैयार करती है। यह बैठक पाकिस्तान से लगातार हो रही घुसपैठ की खबरों की सच्चाई का पता लगाने के लिए बुलाई गई थी।
इस दौरान पाकिस्तान के विशेष बलों के शालाभाटू गांव में घुसपैठ पर खासकर चर्चा हुई। यह गांव जम्मू और कश्मीर को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से अलग करता है।
इस घुसपैठ को लेकर संदेह जताया जा रहा था क्योंकि इस बारे में किसी अन्य एजेंसी के पास कोई सबूत नहीं था। 1990 के दौरान यह गांव घुसपैठ का अहम मार्ग था।