केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए जवाब दिया है कि पूर्व चीफ जस्टिस केजी बालाकृष्णनन और परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति मामले में उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है।
एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायाधीश दीपक मिश्रा की बेंच को बताया कि आयकर विभाग की जांच में बालाकृष्णनन और उनके परिवार को क्लीन चिट दे दी गई है।
मुकुल रोहतगी ने कहा कि आयकर विभाग ने जो जांच की है उसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई पर कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी।
एटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस तरह की कोई भी याचिका स्वीकार न की जाए जो किसी व्यकित विशेष की प्रतिष्ठिता पर प्रश्न चिन्ह खड़े करती है।