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अरुणाचल के राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट

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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा ने सुप्रीम कोर्ट को वह रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें उन्होंने राज्य के राजनीतिक हालात को चिंताजनक बताते हुए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी। वहीं, दूसरी तरह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबम टुकी ने एक ताजा याचिका दाखिल कर राष्ट्रपति शासन लगाने को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
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राष्ट्रपति को भेजी अपनी कई रिपोर्ट में राज्यपाल ने राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से चरमराने की बात कही है। राज्यपाल ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अराजकता जैसी स्थिति है। उन्होंने न केवल राजभवन के सामने प्रदर्शनकारियों द्वारा गोवध करने की बात कही है बल्कि राजभवन को जलाने और राजभवन के भीतर गोवध करने की धमकी देने की भी बात कही है।

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एनएससीएन (खापलांग) गुट के साथ मिलकर असंतुष्ट विधायकों पर दबाव डाल रही थी। उन्होंने कहा है कि खुद विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार के साथ मिलकर विधानसभा परिसर में सदन की बैठक नहीं होने दी। इस रिपोर्ट में राजभवन के बाहर लाउड स्पीकर लगाकर अपशब्द कहने का भी जिक्र है।
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सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था हलफनामा

अक्तूबर के बाद भेजे गए मासिक और कई विशेष रिपोर्ट में राज्यपाल ने कहा है कि पिछले कई महीने से उनके राज्य को अल्पमत सरकार चला रही है। रिपोर्ट में राज्यपाल ने कहा कि नौ दिसंबर को विधानसभा सत्र को निर्धारित समय से पहले बुलाने का निर्णय लेने के बाद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात की, जिसमें उनको अपशब्द कहे गए। भला-बुरा कहा गया। धमकी दी गई। यहां तक कि उन्हें मारने-पीटने की भी कोशिश की गई, लेकिन उनके कर्मचारियों ने उन्हें बचा लिया।

उन्हें और उनके परिवार को रोजाना जान का खतरा बना रहता था। राजभवन का आए दिन घेराव होता था और अपशब्द नारे लगाए जाते थे। उन्होंने दावा किया कि फेसबुक आदि सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए राजभवन को जलाने, राजभवन के भीतर गोवध करने और राज्यपाल और उनके परिवार को धमकियां दी जाती थीं।

मालूम हो कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्यपाल को शुक्रवार तक हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा था कि ऐसी क्या स्थितियां थीं, जिससे अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की नौबत आई। वहीं, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को चुनौती दी है।

बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल ने कांग्रेस पार्टी के चीफ व्हिप की उस याचिका पर आपत्ति जताई थी जिसमें राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश पर सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को खुद याचिका दाखिल कर राष्ट्रपति शासन को चुनौती दी है।
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