नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए पहले ही कई तरह के प्रोत्साहन दे रही सरकार ने अब एक और पेशकश की है। केंद्र सरकार ने कहा है कि जो भी नक्सली सामान्य जीवन की तरफ लौटना चाहते हैं वे अपनी नसबंदी रिवर्स करा सकते हैं। मालूम हो कि नक्सली बड़ी संख्या में नसबंदी कराते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नक्सल प्रभावित राज्यों को संदेश भेजा है कि जो नक्सली रिवर्स नसबंदी की सुविधा का लाभ उठाना चाहें, उनके मुफ्त ऑपरेशन की व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपने परिवार को आगे बढ़ा सकें और सामान्य जीवन जी सकें।
इस संदेश में कहा गया है कि यदि नक्सली पुनर्वास के बाद भी सामान्य जीवन न जी सकें और बच्चे पैदा न कर सकें तो उनका पुनर्वास पूर्ण नहीं माना जा सकता है। पुनर्वास के बाद रिवर्स नसबंदी से उन्हें दोबारा माओवाद की ओर लौटने से रोकने में भी मदद मिलेगी। इसलिए राज्य सरकारों को इच्छुक नक्सलियों को रिवर्स नसबंदी की सुविधा मुहैया कराने पर विचार करना चाहिए।
मालूम हो कि शीर्ष माओवादी अपने कैडर की नसबंदी करा देते हैं। माओवादियों की यह व्यवस्था वर्षों से चली आ रही है। यह इसलिए किया जाता है ताकि माओवादियों के पारिवारिक जीवन की ओर लौटने का विकल्प ही नहीं रह जाए। माओवादी कैडरों में महिला और पुरुष की शादी से पहले शर्त भी यही होती है कि पुरुष ने नसबंदी करा रखी हो।