गैंगरेप की घटना के बाद दुष्कर्म निरोधी सख्त कानून बनाने के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की चौतरफा मांग पर केंद्र सरकार विचार करने के संकेत दे रही है।
भाजपा ने सरकार से विशेष सत्र के साथ ही सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। तो बसपा सुप्रीमो मायावती से लेकर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने भी इसकी पुरजोर मांग की है। इसके अलावा दिल्ली ही नहीं बल्कि देशभर में जारी प्रदर्शन को देखते हुए सरकार दबाव में आती दिख रही है।
हालांकि सरकार अभी औपचारिक तौर पर जस्टिस वर्मा समिति की रिपोर्ट के बाद ही इन मांगों पर अमल करने की बात कर रही है। सोमवार को वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि सरकार समिति की रिपोर्ट के बाद इन मुद्दों पर विचार करेगी। मगर मंगलवार को दबाव बढ़ाते हुए भाजपा ने जहां अपनी मांग फिर दोहराई तो चेन्नई से जयललिता ने भी ताल ठोकी है।
जयललिता ने जहां राज्य में बलात्कार के खिलाफ सख्त कानून बनाने को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। ऐसे में सरकार पर दबाव बेहद बढ़ गया है। सरकार अब विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात पर विचार करने के संकेत दे रही है। सूत्रों का कहना है कि अगर बात बनती है तो एक या दो दिन का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।