हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्र व राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सवर्ण आयोग बनाने के मामले में दो माह के भीतर निर्णय लें। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति अमिताव लाला व न्यायमूर्ति अनिल कुमार की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश स्वराज्य पार्टी ऑफ इंडिया की जनहित याचिका पर दिया। इसमें बिहार की तर्ज पर यूपी व केंद्र में भी सवर्ण आयोग के गठन के निर्देश दिए जाने का आग्रह किया गया था।
याची अनुपम मिश्रा के वकील की दलील थी कि पहले दो अन्य मामलों में अदालत सवर्ण आयोग बनाने पर गौर करने के निर्देश सरकार को दे चुकी है। इसके बावजूद मामला ठंडे बस्ते में है। इसके जवाब में राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल का कहना था कि याची को यह पीआईएल दायर करने के बजाय पूर्व आदेशों से संबंधित अवमानना याचिका दायर करनी चाहिए थी।
इस पर अदालत ने मामले से संबंधित लंबित प्रत्यावेदन पर दो माह में पहले दिए गए आदेशों के तहत विचार कर निपटारा करने के निर्देश केंद्र व राज्य सरकार को दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने पीआईएल का निपटारा कर दिया।