संसद पर आतंकी हमले की 11वीं बरसी पर अफजल गुरू को फांसी देने की मांग फिर से पुरजोर ढंग से उठाई गई। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार को आज ही अफजल को फांसी देने की घोषणा करने का साहस दिखाना चाहिए। लोकसभा में इस मामले भाजपा और शिवसेना ने भारी हंगामा भी किया। इससे सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले संसद भवन परिसर में आयोजित समारोह में हमले के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। दोनों सदनों में मौन रखा गया। समारोह के बाद सुषमा ने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब अफजल को फांसी दी जाएगी। कसाब को फांसी दिए जाने से अब इस मामले में थोड़ी आस बंधी है, इसलिए सरकार को आज ही ऐलान करने का साहस दिखाना चाहिए।
भाजपा ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए लोकसभा में कार्य स्थगन का नोटिस दिया था, लेकिन स्पीकर ने उसे नामंजूर कर दिया। इस पर भाजपा व शिवसेना ने हंगामा किया। राज्यसभा में भी भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू और विनय कटियार ने यह मामला उठाया।
संसद भवन परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह, लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली समेत विभिन्न दलों के नेता व सांसद मौजूद थे।