प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की जनता से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील के बाद करीब 10 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी एलपीजी सब्सिडी तो छोड़ दी है। लेकिन यह अबतक साफ नहीं हुआ है कि अबतक कितने सांसदों ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ी है और सरकार ने इसकी जानकारी देने से भी साफ इंकार कर दिया है।
एक आटीआई के जरिए जब इसका जवाब मांगा गया तो सरकार ने यह कहते हुए जवाब देने से इंकार कर दिया कि गैस वितरकों ने ऐसे कोई आंकड़े अलग से तैयार नहीं किए जिनमें सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के नाम शामिल हों। हालांकि, सरकार ने यह जरूर कहा कि mylpg.in पर ऐसे आंकड़े सार्वजनिक किए गए है जिसे कोई भी देख सकता है।
सरकार के जवाब के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एलपीजी सब्सिडी छोड़ने वालों के नाम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है तो फिर सरकार के पास इससे जुड़ी जानकारी क्यों नहीं है?