बढ़ते साइबर हमलों और अति संवेदनशील जानकारियों के लीक होने की घटनाओं को देखते सरकार आधिकारिक बातचीत के लिए जीमेल और याहू जैसी ईमेल सेवाओं पर बैन लगाने की तैयारी कर रही है।
डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफोरमेशन टेक्नोलॉजी (डीईआईटीवाई) सरकारी ऑफिसों व विभागों में ईमेल सेवा को लेकर पॉलिसी तैयार करने में जुटा हुआ है, जिसे दो महीने में जारी कर दिया जाएगा।
इसके बाद सभी केंद्रीय व राज्य सरकार के कार्यालयों में सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा केंद्र (एनआईसी) के प्लेटफॉर्म पर ईमेल सेवा का उपयोग किया जा सकेगा।
हाल ही में हुए स्नोडेन मामले से सीख लेते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। जीमेल और याहू समेत अधिकतर ई मेल सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के सर्वर विदेशों में स्थित हैं, जिससे देश के संवेदनशील डाटा के लीक होने का खतरा हमेशा बना रहता है।
डीईआईटीवाई के सचिव जे सत्यनारायण ने बताया, ‘हम ईमेल पॉलिसी तैयार करने में जुटे हुए हैं। यह पॉलिसी उन सभी केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगी। अगले दो महीने में इसे तैयार कर लिया जाएगा।’
उन्होंने कहा, ‘मैं इस बारे में विस्तार से नहीं बता पाऊंगा कि कौन-कौन सी ईमेल सेवा को बंद किया जाएगा। हमारा उद्देश्य संवेदनशील सरकारी डाटा को सुरक्षित करना है।’
हालांकि सूत्रों ने बताया कि पॉलिसी बन जाने के बाद सरकारी ऑफिसों से सिर्फ एनआईसी प्लेटफॉर्म के जरिए कम्युनिकेशन हो सकेगा।
पॉलिसी के तैयार होने के बाद सरकार सभी केंद्रीय व राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी कर देगी।
इसके बाद करीब 5 से 6 लाख कर्मचारी सिर्फ एनआईसी प्लेटफॉर्म के जरिए ही ईमेल सेवा का उपयोग कर सकेंगे।