कोल ब्लॉक आवंटन में केंद्र सरकार एक बार फिर विवादों में घिर गई है।
अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, कोल ब्लॉक आवंटन में हुए घोटाले की सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में जो स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी, उसमें कानून मंत्री अश्विनी कुमार और प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने संशोधन करवाए थे।
संभावना है कि सीबीआई सुप्रीम कोर्ट को इस बारे में सूचित कर सकती है।
गौरतलब है कि सीबीआई ने कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट 8 मार्च को सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी।
अखबार ने बताया है कि घोटाले की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपने से एक दिन पहले सीबीआई के कई अधिकारियों को कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने समन भेजकर बुलाया था।
इन अधिकारियों में सीबीआई निदेशक रंजित सिन्हा भी शामिल थे।
समन के बाद कानून मंत्रालय व सीबीआई के अधिकारियों की लंबी बैठक हुई, जिसमें स्टेटस रिपोर्ट में कई बदलाव किए गए।
स्टेटस रिपोर्ट में बदलावों की बाबत सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, 'कानून मंत्रालय की संशोधनों का हम जितने विरोधी कर सकते थे, हमने किया। इसके बाद भी रिपोर्ट में कई बदलाव किए गए।'
एसआईटी को सौंपी जाए जांच
भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा है कि कोयला घोटाले की जांच अब सीबीआई नहीं कर सकती। वह सरकार के दबाव में है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी जाए।
वहीं भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर कहा है कि प्रधानमंत्री को बचाने के लिए सीबीआई पर दबाव बनाया जा रहा है।