मानसून की देरी को लेकर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इससे निपटने की तैयार भी शुरू कर ली है।
मानसून अनुकूल न रहने पर जून के अंतिम सप्ताह में रॉकेट और विमान के जरिए कृत्रिम बारिश कराए जाने की तैयारी की योजना है। यह बारिश विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश जैसे इलाकों में की जाएगी।
मंगलवार को राजस्व एवं राहत व पुनर्वास विभाग मंत्री एकनाथ खडसे ने इसकी जानकारी दी। एकनाथ खडसे ने बताया कि कृत्रिम बारिश पर 8 से 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लेकिन, इससे फसलों को बचाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि कृत्रिम बारिश कराने के लिए भारतीय मौसम विभाग, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी विभाग और राज्य के राहत व पुनर्वास विभाग के अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है।