अविश्वास प्रस्ताव आने की अटकलों के बीच यूपीए सरकार ने अपने पास पूरा संख्या बल होने का दावा किया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार के अस्तित्व को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि संसद का शीतकालीन सत्र उद्देश्यपूर्ण व सफल रहेगा।
शीतकालीन सत्र बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी दलों के चीफ व्हिप ने सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए सहयोग देने का पूरा भरोसा दिया है। सत्र को सुचारु ढंग से चलाने के लिए सहयोग मांगने के लिए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने भी बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
22 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलने वाले सत्र में कुल 26 बैठकें होंगी, इसमें से चार बैठकें तो सांसदों के निजी विधेयकों के लिए हैं। इस तरह सरकारी कामकाज के लिए सरकार के पास मात्र 22 दिन रहेंगे, जबकि संसद में कुल 102 बिल लंबित हैं। इसमें भी रिटेल में एफडीआई समेत विभिन्न मुद्दों पर संसद में हंगामा होने की आशंका है।
बहरहाल, इस सत्र में सरकार 25 विधेयक पारित कराने के लिए पेश करेगी, जबकि 10 नए बिल भी पेश होंगे। एक वित्त संबंधी विधेयक भी सूची में दर्ज है। कमलनाथ ने कहा कि भूमि अधिग्रहण व खाद्य सुरक्षा बिल सरकार की प्राथमिकता में हैं।
इनके अलावा सरकार ने लोकपाल, कंपनी विधेयक, पेंशन, नागरिकता संशोधन, बीमा, कृषि-जैव सुरक्षा, प्रतिस्पर्धा (संशोधन) से लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के चार बिल भी सूची में रखे हैं। इसी तरह कार्य स्थलों में महिलाओं को यौन शोषण से बचाव से संबंधित विधेयक राज्यसभा में लाने की तैयारी है। लोकसभा में इसे पहले ही हरी झंडी दिखाई जा चुकी है।