मोदी सरकार की अगले तीन साल में देश की हर ग्राम पंचायत को ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। जिसके जरिए सरकार ई-एजुकेशन, टेलीमेडिसिन जैसी सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाना चाहती है।
इस योजना के तहत देश की कुल 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा। सरकार इसके अलावा देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर 2.8 करोड़ नए रोजगार के सृजन की योजना पर भी काम कर रही है।
मंगलवार को संचार और सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवादाताओं से अपनी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार ब्रॉडबैंड हाईवे बनाने के लिए देश में जानी जाएगी।
इसी के तहत साल 2014-15 में 50 हजार ग्राम पंचायत, 2015-16 में 1 लाख पंचायत और 2016-17 में बची 1 लाख पंचायतों को ब्रॉड बैंड से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सरकार पूर्वोत्तर भारत में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए 5000 करोड़ रुपये निवेश करेगी।
8 शहरों में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग
गाजियाबाद सहित 8 शहरों में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग
इलेक्ट्रॉनिक गुड्स की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार देश में फैब मैन्यूफैक्चरिंग सुविधा शुरू करेगी। जिससे कि भारत में चिप का निर्माण हो सके। सरकार गाजियाबाद, वड़ोदरा, गांधीनगर, नागपुर, नासिक, औरंगाबाद, थाणे में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यैफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देगी । इसी तरह 7 इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर भोपाल, हैदराबाद, भिवाड़ी, जबलपुर, काकीनाडा, होसुर, भुवनेश्वर में विकसित किए जाएंगे। सरकार इसके अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट फंड का निर्माण इंनोवेशन के लिए केरगी।
पोस्ट ऑफिस के जरिए पोस्टल बैंकिंग
सरकार की योजना देश के 1.55 लाख पोस्ट ऑफिस के जरिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की है। इसी के तहत पोस्टल बैंकिंग सेवा के विकल्प की संभावना तलाशी जा रही है। जिसके जरिए सुदूर क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच सके।
एमटीएनएल को किया जाएगा मजबूत
घाटे में चल रही दोंनो सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को सरकार मजबूत बनाने की तैयारी में हैं। इसके तहत सबसे पहले सरकार बेहतर सेवाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना पर काम करेगी। साथ ही कंपनियों के नेटवर्क निगरानी के लिए टेलीकॉम मंत्री के ऑफिस में निगरानी केंद्र बनेगा। जिसके आधार पर खराब सेवा वाले सर्किल में कार्रवाई भी करने की योजना है।
एमएनपी के पक्ष में सरकार
टेलीकॉम कमीशन द्वारा देश में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलटी की सैद्धांतिक मंजूरी देने के बाद सरकार भी इसके पक्ष में मोटे तौर पर नजर आ रही है। एमएनपी के पूरे देश में लागू होने के बाद आपको देश के किसी भी कोने में शिफ्ट होने पर अपना नंबर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मंगलवार को टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि ट्राई इस पर जल्द फैसला करेगा।