केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे का कहना है कि केंद्र सरकार कश्मीर में लंबे समय तक सेना नहीं रखना चाहती है लेकिन विवादास्पद सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) को हटाने का निर्णय कुछ समय बाद ही लिया जाएगा। हुर्रियत कांफ्रेंस समेत अलगाववादी नेताओं के साथ वार्ता की इच्छा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इससे वह जान सकेंगे कि आखिर वे चाहते क्या हैं।
एक इंटरव्यू में शिंदे ने कहा कि वे कश्मीर में लंबे समय तक सेना रखने के पक्ष में नहीं हैं। निसंदेह सुरक्षा में कमी होनी चाहिए लेकिन यह उचित समय नहीं है। अभी कुछ समय तक निगरानी रखनी होगी। जुलाई में गृहमंत्रालय का पदभार संभालने के बाद पिछले महीने शिंदे ने जम्मू और कश्मीर का दौरा किया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में सुरक्षा हालातों में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में श्रीनगर और जम्मू के बाहरी इलाके में हुए हमले राज्य से सुरक्षा बलों की संख्या में कटौती में अड़चन पैदा कर रहे हैं। आज भी हमारे पास कुछ सूचनाएं हैं। होटल और वाइन बार में हाल के हमले छिटपुट घटनाएं हैं लेकिन हम सतर्क हैं।