यूपीए सरकार में रविवार को हुए फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मंत्रिमंडल भले ही पूरी तरह टीम राहुल में तब्दील नहीं हुआ हो, मगर सरकार में टीम राहुल की छाया जरूर बढ़ गई है। राहुल की युवा बिग्रेड का कद बढ़ाने और कई नए सिपाहियों को सरकार में शामिल करने के साथ ही टीम मनमोहन अब पहले से अधिक युवा हो गई है।
सरकार में राहुल भले ही खुद शामिल नहीं हुए हैं, मगर कैबिनेट से लेकर राज्य मंत्रियों की तैनाती में उनके कई साथियों को ज्यादा तवज्जो मिलने से मंत्रिमंडल में उनकी बढ़ी छाप स्पष्ट दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने युवाओं के साथ ही वरिष्ठ लोगों को सरकार में अहम जगह देकर युवा और अनुभव का मिलाजुला स्वरूप देने की कोशिश की है।
सरकार का चेहरा बदलने की कोशिश में राहुल की युवा टीम के अहम सियासी खिलाड़ियों को पीछे से लाकर आगे की कतार में खड़ा किया गया है। राहुल के सबसे करीबी और युवा बिग्रेड की शीर्ष कमान के सदस्य सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितेंद्र सिंह और भरत सोलंकी का कद बढ़ाया गया है।
ज्योतिरादित्य को बिजली मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है तो सचिन पायलट को कॉरपोरेट मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार मिला है। जितेंद्र सिंह को युवा और खेल मामलों के मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। भरत सिंह सोलंकी को पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।
कैबिनेट मंत्रियों के मामले में भी राहुल की पसंद का ख्याल रखा गया है। अजय माकन और पल्लम राजू के प्रमोशन के पीछे भी राहुल को माना जा रहा है। अजय माकन को शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन और पल्लम राजू को मानव संसाधन विकास जैसा भारी भरकम मंत्रालय दिया गया है। उधर, नए चेहरों में निनॉग एरिंग टीम राहुल के सदस्य हैं। उन्हें अल्पसंख्यक मामलों का राज्यमंत्री बनाया गया है।
विवादों के बाद मंत्री पद से हाथ धोने वाले युवा शशि थरूर को दुबारा मंत्रिमंडल में राहुल की कोशिशों के चलते ही जगह मिली है। वहीं, डी. पुरंदेश्वरी और आरपीएन सिंह को बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुरंदेश्वरी को वाणिज्य राज्यमंत्री तो आरपीएन को गृह राज्यमंत्री का पद दिया गया है। यूपी से ही टीम राहुल के दूसरे अहम सदस्य राज्यमंत्री जितिन प्रसाद को रक्षा के साथ मानव संसाधन मंत्रालय की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।