गोरखपुर में दुनिया का सबसे लंबा प्लेटफॉर्म बनकर तैयार हो गया है। रेलवे स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग कार्य रविवार को पूरा हो गया।
इस स्टेशन की लंबाई 1355 मीटर है। इस उपलब्धि के साथ ही इसका नाम लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है। कुछ ही समय में सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया जाएगा।
साथ ही जल्द ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए गोरखपुर स्टेशन का नाम भेजा जाएगा। इतना ही नहीं डाक विभाग भी इस उपलब्धि पर एक स्पेशल कवर निकलेगा।
महाप्रबंधक केके अटल ने रेलवे स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग और रूट रिले इंटरलॉकिंग केबिन का मंत्रोच्चार के बीच विधिवत उद्घाटन किया।
महाप्रबंधक ने शाम 4.35 बजे जीर्णोद्धार के बाद स्टेशन से पहली ट्रेन गोरखधाम को झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया।
महाप्रबंधक ने रेलवे के सभी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि 11 दिन में यार्ड रीमॉडलिंग कार्य पूरा कर लेना एक बड़ी उपलब्धि है। अब ट्रेनों को जगह की उपलब्धता के चलते दूसरे स्टेशनों पर खड़ा नहीं करना पड़ेगा।
इससे पूर्व रविवार की सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक छह घंटे स्टेशन पर सभी पटरियां ब्लॉक रहीं। इस बीच ट्रेनों की आवाजाही बंद रही। वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस को विलंब से आने पर एक रनिंग लाइन से स्टेशन पर लाया गया। इस बीच सभी सिग्नल चेक किए गए।
ऐहतियात के तौर पर रविवार को 13 ट्रेनों को नहीं चलाया गया और पटरियां ब्लॉक रहने के दौरान 16 एक्सप्रेस ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर खड़ा किया गया। एक से दो दिनों में सभी ट्रेनें तय शेड्यूल के अनुसार चलने लगेंगी।