दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल को उसके जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं। गूगल आज अपना 14वां जन्मदिन मना रहा है। एक बेहद ही आकर्षक और डूडल के जरिए गूगल अपने 14वें जन्मदिन को मना रहा है। सर्च इन्जन गूगल ने एक चॉकलेट केक को अपने जन्मदिन का थीम रखा है। इस केक पर चौदह मोमबत्तियां इतने करीने से सजाई गई हैं कि वे बेहद आकर्षक लग रही हैं, जो गूगल के अस्तित्व में आने के चौदह साल को बयां कर रही हैं।
गूगल के जन्मदिन को लेकर साल 2005 तक काफी बहस छिड़ी रहती थी। जब इस सर्च इंजन ने आधिकारिक तौर पर अपनी मौजूदगी पूरी दुनिया में दर्ज कराई थी तब इसने अपना पहला जन्मदिन 07 सितंबर, 1998 को मनाया था। इसी साल गूगल चार सितम्बर को अस्तित्व में आया था, लेकिन आगे चलकर गूगल ने साल 2005 में 27 सितंबर को अपने जन्मदिन के रूप में चुना और उसके बाद वो अपना जन्मदिन इसी दिन मनाते आ रही है।
गूगल की स्थापना लेरी पेज और सर्जी ब्रिन ने की थी। उनके इस सर्च इंजन की स्थापना का मकसद यह था कि विश्व की सारी जानकारी, सूचनाओं को एक साथ इकाठा किया जा सके और पूरी दुनिया में लोग इसे जान सकें। आज अगर आप गूगल के जन्मदिन पर बने विशेष डूडल पर क्लिक करेंगे तो इस पर आपको गूगल की विशेष उत्पादों के बारे में जान सकेंगे।
गूगल का पहला नाम
गूगल को अंग्रेजी में लिखा जाता है google, शायद आप जानते हों लेकिन असल में यह googol की गलत स्पेलिंग है। पेज और ब्रेन ने पहले इसका नाम बैकरब रखा था। जब 15 सितंबर 1997 को इसके डोमेन रजिस्ट्रेशन का समय आया तो लैरी ने इसका नाम गूगल कर दिया। इसके पीछे कारण यह था कि लैरी की गणित में रुचि थी। 4 सितंबर 1998 को आधिकारिक रुप से गूगल कंपनी की शुरुआत हुई। गूगल की शुरूआत में लैरी की कल्पना थी कि एक ऐसा सर्च इंजन बनाया जाए जो विभिन्न वेबसाइटों के आपसी संबंध का विश्लेषण कर सके।
गूगल का आइपीओ
जिस समय 19 अगस्त 2004 में गूगल का आइपीओ लांच किया गया तो लोगों में इसके लिए बहुत ज्यादा क्रेज देखा गया। गूगल के आइपीओ की शुरूआती कीमत 85 अमेरिकी डॉलर रखी गई थी। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों में यह 600 अमेरिकी डॉलर के आंकड़ें तक पहुंच चुका है।
लीगो ने बनाया पहला स्टोरेज
सर्च इंजन के मामले में दुनिया की नंबर 1 कंपनी गूगल का पहला स्टोरेज LEGO (लीगो) ने 1996 में बनाया था। उस समय गूगल का नाम बैकरब था। बैकरब की स्टोरेज क्षमता 40 GB थी। जो कि आज के आइपॉड से भी कम है।
गूगल का लोगो
गूगल के लोगो से जुड़ा दिलचस्प राज यह है कि 31 मार्च 2001 को यह होम पेज पर सेंटर में प्लेस नहीं था। 31 मार्च 2001 के बाद इसे होम पेज पर सेंटर में जगह दी गई। साल 1998 से 2001 तक इसकी प्लेसिंग बायीं तरफ थी। गूगल सर्च इंजन में दूसरे नंबर पर कायम याहू की स्टाइल में गूगल लिखने के बाद एक्सक्लेमेंट्री मार्क भी लगाता था।
गूगल का पहला स्नैक्स
गूगल के ऑफिस में जब पहली बार कंपनी की तरफ से स्नैक्स का ऑर्डर किया गया था तो यह 'स्वीडिश फिश' था। उस समय गूगल की तरफ से अपने कर्मचारियों को ड्रिंक नहीं दी गई थी। हालांकि यह गूगल की तरफ से आर्गनाइज किया जाने वाला काफी छोटा इवेंट था। आज के समय में इंडस्ट्री में गूगल अपने एम्पलाइज को फ्री स्नेक्स और फ्री ड्रिंक देने के मामले में मशहूर है।