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न मंदिर न ज्योतिषी, लालू के कोई काम न आया

Mon, 30 Sep 2013 11:54 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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चारा घोटाले में फंसे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भगवान भी न बचा सके। उन्होंने मंदिरों के चक्कर काटे और पंडितों का भी सहारा लिया लेकिन कुछ काम न आया।
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राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव को चारा घोटाला मामले में सोमवार को रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी ठहरा दिया है। मामले में तीन अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी।

इसी फैसले से बचने के लिए लालू यादव ने सभी प्रयास किए और भगवान का दरवाजा भी खटखटाया। उनके घर से लेकर पार्टी कार्यालय तक में डर का माहौल था।

चारा घोटालाः लालू को तगड़ा झटका, दोषी करार

लालू के 10, सर्कुलर रोड स्थित घर पर शनिवार को उनसे मिलने पार्टी नेता और करीबी दोस्त पहुंचे थे लेकिन लालू पूरे दिन पूजा में व्यस्त थे।

अपने भविष्य को लेकर चिंतित राजद अध्यक्ष ने ज्योतिषियों और पंडितों का सहारा भी लिया था।

इतना ही नहीं वह पिछले कुछ महीनों में कई मंदिरों में चक्कर में लगा चुके हैं और महाराष्ट्र में शिरडी साईं बाबा के दर्शन करके भी लौटे हैं।

चारा घोटाला: जानिए कब, क्या हुआ?

लालू के करीबियों का कहना था कि उन्हें भगवान पर विश्वास है। लालू यादव इस मामले में दो बार पहले भी जेल भी जा चुके हैं।

सजा होने पर नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि अगर लालू यादव को इस मामले में दो साल से ज्यादा की सजा हो जाती है तो वह चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

हालांकि दोषी सांसदों और विधायकों को चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहाराने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार अध्यादेश लाई थी लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विरोध के बाद इस अध्यादेश के वापस होने की संभावना है।
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विरोधी दलों का यह भी कहना था कि कांग्रेस लालू यादव को बचाने के लिए यह अध्यादेश ला रही है।

लालू यादव के खिलाफ फैसला आने की स्थिति पर भी पार्टी में अभी कुछ तय नहीं है। अंदरूनी सदस्यों के मुताबिक पार्टी के कामकाज के लिए एक कोर कमेटी बन सकती है। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि लालू की अनुपस्थिति में सब मिलकर काम करेंगे।

चारा घोटाले का यह मामला झारखंड के चाईबासा कोषागार से फर्जी तरीके से वर्ष 1996 में 37.70 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का है। मामले में 44 और लोगों को दोषी ठहराया गया है।
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