ऐसा शायद कम ही देखने को मिलता है, जब एक पार्टी अपनी विरोधी पार्टी के पक्ष में बयानबाजी करे। मगर गोवा में कुछ इस तरह का ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहां भाजपा ने केंद्र पर आरोप लगाया है कि उसने कैबिनेट फेरबदल में जानबूझ कर राज्य के कांग्रेसी सांसदों की उपेक्षा की है।
गोवा भाजपा के प्रवक्ता डॉ विल्फ्रेड मेसक्विटा ने कहा, ‘यूपीए-2 में जिन सांसदों को जगह मिली है, उससे कई गुना बेहतर सांसद शांताराम नायक (राज्य सभा) और फ्रांसिस्को सरदिन्हा (लोकसभा) बेहतर हैं।’ इससे पहले कांग्रेस ने पणजी सम्मेलन के दौरान मांग की थी कि दो सांसदों में से कम से कम एक को कैबिनेट में जगह मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘अगर कांग्रेस कैबिनेट में गोवा के प्रतिनिधि को चुनती है, तो यह काफी प्रशंसनीय कदम होगा। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्रिमंडल फेरबदल में गोवा की उपेक्षा की गई।’
केंद्र सरकार की खिंचाई करते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले ही कांग्रेस ने लोकसभा की सीट पर हार मान ली है।’ गोवा में तीन सांसदों में से दो कांग्रेस और एक भाजपा से है।