प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा और संसद की जगह राज्यों का दौरा विपक्ष को रास नहीं आ रहा है। मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री की गैर मौजूदगी का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष ने अपनी नाराजगी जताई।
तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने व्यंग्य करते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री को राज्यसभा में आने के लिए कृप्या वीजा प्रदान किया जाए।
दरअसल डेरेक समेत विपक्षी दलों के कई सदस्य साध्वी निरंजन ज्योति के अपशब्दों पर प्रधानमंत्री से प्रतिक्रिया की मांग कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार के कई मंत्री असभ्य भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इसलिए हम प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में नहीं आकर सदन का अपमान कर रहे हैं। वे कभी भी संसद में नहीं आते। इस वजह से हमें चिंता हो रही है कि आखिर वे हैं कहां? साथ ही कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मई में सत्ता संभालने के बाद से अब तक मोदी ज्यादातर समय विदेश दौरे पर ही रहे हैं। वे प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक छह विदेशी दौरा कर चुके हैं।
उधर, संसद से बाहर माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि विदेश से काला धन बाद में पहले प्रधानमंत्री को वापस लाने की जरूरत है। हालांकि संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष के इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को कब संसद में आना चाहिए, विपक्ष इसका निर्णय नहीं ले सकता है।