फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब उर्दू किताबों में नहीं होंगे गीता के पाठ

Tue, 06 Aug 2013 07:23 PM IST
भोपाल/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
मध्य प्रदेश सरकार ने उर्दू माध्यम के स्कूलों में कक्षा-1 और कक्षा-2 की किताबों में भगवद्गीता पर आधारित पाठ शामिल करने वाली अधिसूचना विवाद के बाद रद्द कर दी है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूली शिक्षा विभाग की इस अधिसूचना को रद्द करने की घोषणा मंगलवार को भोपाल में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर की।

सरकार ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस के विरोध और मुस्लिम संगठनों की ओर से आ रहे दबाव के बाद यह फैसला किया है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री निवास पर रोजा इफ्तार की दावत के पहले सरकार मुस्लिमों को सकारात्मक संकेत देना चाहती थी। यह चर्चा भी है कि कुछ मुस्लिम संगठन मुख्यमंत्री की इफ्तार दावत में शामिल नहीं होने की स्थिति से सरकार बचना चाहती थी।

एक सेकुलर भाजपा नेता की अपनी छवि का ध्यान रखने वाले शिवराज सिंह चौहान चुनाव से ठीक पहले ऐसा कोई बखेड़ा खड़ा नहीं करना चाहते थे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले दिनों एक विवाद पैदा हुआ, जो गीता की नैतिक शिक्षा पढ़ाने के बारे में था, जो वास्तव में सही भी नहीं था, लेकिन एक अधिसूचना के कारण गलतफहमी पैदा हुई, वह रद्द कर दी गई है।
विज्ञापन


कांग्रेस के प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 28(1) में स्पष्ट उल्लेख है कि सरकारी धन से चलने वाले स्कूलों में किसी भी धर्म की शिक्षा नहीं दी जा सकती। दुबे ने अधिसूचना रद्द होने को भाजपा की पराजय बताते हुए नैतिकता की विजय बताया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें