मथुरा में थाना नौहझील के एक गांव में तीन युवकों द्वारा छेड़खानी के बाद पुलिस के तमाशबीन बन जाने से आहत किशोरी ने आत्महत्या कर ली। किशोरी के परिवारीजनों ने इसकी शिकायत दो दिन पूर्व नौहझील पुलिस से की थी।
गांव में चल रही रामलीला को देखने के लिए गुरुवार को किशोरी गई थी। उसका आरोप था कि रामलीला में गांव के युवक कालू, मुकेश व पिंटू ने उसके साथ छेड़खानी कर दी।
इसकी शिकायत पर युवकों के परिवारीजनों ने किशोरी के परिवारीजनों की पिटाई कर दी। शुक्रवार को पीड़ित किशोरी के भाई ने छेड़खानी और मारपीट की शिकायत नौहझील पुलिस से की।
नौहझील पुलिस गांव गई और खानापूर्ति कर लौट आई। परिवार वालों की पिटाई और पुलिस के ढुलमुल रवैये से किशोरी को गहरा सदमा लगा। निराशा में किशोरी ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर सीओ मांट राजेश सोनकर व नौहझील पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की लचर कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश बना हुआ है। इस मामले में कालू, मुकेश व पिंटू के खिलाफ आत्महत्या को प्रेरित करने की रिपोर्ट थाना नौहझील में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अब तक तीनों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
पीड़ित परिवार से जुड़े एक अधिवक्ता ने कहा कि यदि पुलिस समय पर ढंग से कार्रवाई करती तो किशोरी आत्महत्या नहीं करती। दबंगों द्वारा छेड़खानी व मारपीट तथा पुलिस द्वारा मदद न मिलने से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है।